सनातन ज्ञान · खगोलीय काल · उज्ज्वल जीवन

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दैनिक खगोलीय काल-चक्र, शुभ समय और पारम्परिक वैदिक ज्ञान — स्थान-आधारित लाइव गणना, वेदलोक AI सहायक के साथ।

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॥ सर्वे भवन्तु सुखिनः ॥

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काल दर्शन और व्यवस्थापन

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आज का पंचांग

तिथि, नक्षत्र, योग और करण सहित आज के प्रमुख पंचांग विवरण देखें।

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शुभ मुहूर्त

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पर्व एवं व्रत

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अहोरात्र काल विभाग

राहुकाल, अभिजित, चौघड़िया, दिन-रात के मुहूर्त्त, होरा के समय।

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संवत्सर ज्ञान

साठ वर्षीय संवत्सर चक्र, बृहस्पति मान, चान्द्र मान तथा प्राचीन ग्रंथों में संवत्सर के उल्लेख जानें।

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स्वर्गीय श्री रमेश चन्द्र मिश्र
पुण्य स्मृति · श्रद्धांजलि

स्वर्गीय श्री रमेश चन्द्र मिश्र — एक दीप, जो कभी बुझता नहीं

कुछ लोग इस संसार से विदा होते हैं, पर अपने पीछे इतना उजाला छोड़ जाते हैं कि अँधेरा फिर कभी लौटकर नहीं आता। स्वर्गीय श्री रमेश चन्द्र मिश्र ऐसे ही एक दीपक हैं।

उनकी मुस्कान में अपनापन था, उनके शब्दों में आशीर्वाद, और उनके हृदय में सनातन धर्म के प्रति अटूट श्रद्धा। जिसने भी उन्हें जाना, उसने स्नेह पाया — और वह स्नेह आज भी हमारे मन में उतना ही जीवित है।

यह वेबसाइट सनातन धर्म की सेवा के लिए, उन्हीं की पावन स्मृति में बनाई गई है। यहाँ का हर पंचांग, हर आरती, हर मन्त्र और हर पाठ उनके चरणों में अर्पित एक पुष्प है — उनकी प्रेरणा से जलाया गया एक दीप।

वे आज हमारी आँखों के सामने नहीं हैं, पर हर आरती की लौ में, हर शंख की ध्वनि में और हर “जय श्री राम” में हम उन्हें अपने बहुत पास पाते हैं।

न जायते म्रियते वा कदाचिन्नायं भूत्वा भविता वा न भूयः ।
अजो नित्यः शाश्वतोऽयं पुराणो न हन्यते हन्यमाने शरीरे ॥

आत्मा न कभी जन्म लेती है, न कभी मरती है। वह अजन्मा, नित्य और शाश्वत है — शरीर के न रहने पर भी वह कभी नष्ट नहीं होती। — श्रीमद्भगवद्गीता 2.20

आपसे एक विनम्र विनती है — जब आप यहाँ कोई आरती गाएँ, कोई पाठ करें या कोई दीप जलाएँ, तो एक पल आँखें बंद करके उनके लिए भी प्रार्थना कर लीजिए। हे प्रभु, उन्हें अपने श्रीचरणों में स्थान देना; वे जहाँ भी हों, सदा शान्त, सुखी और आनन्दमय रहें, और उनका आशीर्वाद यूँ ही हम सब पर बना रहे।

॥ ॐ शान्तिः शान्तिः शान्तिः ॥

परिचय

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वेदलोक ज्योतिष, पंचांग, खगोल, कालगणना, संस्कृति एवं भारतीय ज्ञान परम्परा को समर्पित है।

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